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हाईवे होटल स्वामी ने हाईवे ओर पड़ोसी दुकान के पास किया अतिक्रमण, पीड़ित ने डीएम से की शिकायत

हरिद्वार रोड़ स्थित डॉ. गोठी अस्पताल के सामने दुकान चलाने वाले शुभम गोयल ने नगर आयुक्त नगर निगम रुड़की को लिखित शिकायत मंे बताया कि मेरी दुकान का हाउस टैक्स नं. 913 हैं और दुकान के बाहर होटल हाईवे के मालिक ने अतिक्रमण किया हुआ हैं। उसके द्वारा बड़े-बड़े होर्डिंग, बोर्ड व फ्लैक्स, लोहे के जाल आदि लगाये गये हैं, जिसके कारण ग्राहकों को मेरी दुकान ही दिखाई नहीं देती। पूरे रास्ते को उक्त होटल स्वामी ने अवरूद्ध कर दिया हैं। इसके कारण मेरे सामान की बिक्री ही नहीं होती और मेरे परिवार पर रोजगार का संकट खड़ा हो रहा हैं। इस संबंध में कई बार नगर निगम अधिकारियों को सूचना दी गई, जिस पर आज तक उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की। अब सवाल यह उठ रहा है कि मैं दुकान का किराया दूं या परिवार का खर्च चलाउं। यह समस्या मुझे घुन की तरह खा रही हैं। मेरी दुकान के बाहर जान- बूझकर अतिक्रमण करना होटल मालिक की दबंगई को दर्शाता हैं। यही नहीं जब मैंने इसके खिलाफ निगम में शिकायत कर आवाज उठाई, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने यह कहकर भगा दिया कि उक्त अतिक्रमण हम नहीं हटा सकते। जो करना हैं, करो। इस बात से पता चलता है कि निगम के अधिकारी भी उक्त दबंग होटल स्वामी से मिले हुये हैं और एक सोची-समझी साजिश के तहत मेरा उत्पीड़न किया जा रहा हैं। अगर जल्द ही मेरी दुकान के सामने से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो मैं परिवार के साथ ध्रना-प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटूंगा। साथ ही इस सम्बन्ध में डीएम को भी एक शिकायती पत्र प्रेषित कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिलाधिकारी पीड़ित को कब तक न्याय दिला पायेंगे। यह तो आने वाला समय ही बता पायेगा। उक्त दुकानदार की पीड़ा को देखकर लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर इसी प्रकार अम्बर तालाब में स्थित मस्जिद के निकट भी दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के बाहर सड़क पर प्लास्टिक व अन्य सामान रखकर बिक्री की जा रही हैं। जिसके कारण ग्राहकों व राहगीरों को सड़क से गुजरना मुश्किल हो रहा हैं। आस-पास के लोगों द्वारा जब उक्त दुकानदारों को अपना सामान दुकान के अंदर रखने के लिए कहा गया, तो वह उनसे ही उलझ बैठे। इस संबंध में नगर निगम के अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन वह अपने वातानुकूलित कमरों में बैठकर सरकारी दामाद बन रहे हैं। जनता की परेशानियों से उन्हें कोई सरोकार नहीं हैं। ब्यूरो रिपोर्ट

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