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उत्तराखंड: पुलिस की आखिर क्यों हुई किर किरी हरिद्वार में आतंकी,

हरिद्वार : पिछले दिनों उत्तराखंड पुलिस की खूब किरकिरी हुई। कानून व्यव्सथा चाक-चौबंद होने के पुलिस भले ही कितने ही दावे करे, लेकिन उन दावों पर पुलिस खरा नहीं उतर पाई है। खूफिया विभाग भी कई मामलों में नाकाम साबित हुआ है। खासकर हरिद्वार जिले में जिस तरह से डेमोग्राफिक चेंज हो रहा है। वह बेहद खतरनाक है। उसका ताजा उदाहरण पिछले दिनों देखने को मिला।

लव जिहाद, फिर लैंड जिहाद से ज्यादा खतरनाक डेमोग्राफिक चेंज है। देवभूमि के लिए यह बड़े खतरे की आहाट से कम नहीं। इससे उत्तराखंड के समाज में तमाम तरह की शंका-आशंका घर कर रही है। प्रदेश की स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो हरिद्वार, उधमसिंह नगर, देहरादून एवं नैनीताल ऐसे जिले हैं, जहां जनसांख्यिकीय बदलाव देखने में आ रहा है। यही कारण है कि हरिद्वार में कोइ भी आकर बस जा रहा है और किसी को कानों-कान खबर तक नहीं लग पा रही है। हरिवार में आतंकी का पकड़ा जाना भी इसी डेमोग्राफिक बदलाव का साइड इफेक्ट है।

हरिद्वार में दो आतंकी पकड़े गए, जिनको यूपी ATS ने अरेस्ट किया। इतना सबकुछ होने के बाद भी उत्तराखंड पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जिस आतंकी को कई दिनों पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। उसकी पत्नी को बच्चों के साथ अब जाकर पकड़ा गया है। सवाल उठता है कि पुलिस पिछले कई दिनों से क्या कर रही थी? जबकि पुलिस को पहले इस बात की जानकारी थी। क्यों नहीं इस मामले में सक्रियता दिखाई गई। पासपोर्ट और वीजा के बगैर अवैध रूप से अपने तीन बच्चों के साथ रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव में रह रही एक बांग्लादेशी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह महिला पिछले दिनों यूपी एटीएस की टीम द्वारा हरिद्वार से गिरफ्तार आतंकी अली नूर की पत्‍नी है।

महिला हरिद्वार में कूड़ा बीनने का कार्य कर रही थी। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। महिला और बच्चों को कोर्ट में पेश किया गया है। सवाल यह है कि जब आतंकी की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी फिर उसकी पत्नी की गिरफ्तारी में इतने दिन क्यों लग गए। पुलिस की सतर्कता पर पहले भी सवाल उठे थे जब आतंकी की गिरफ्तारी हुई थी।

हरिद्वार के पिरान कलियर में पहले भी कई बार बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार हो चुके हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस और एलआईयू की टीम उन्हें सीमा पार छोड़कर आती है। कुछ बांग्लादेशी नागरिक फिर से सीमा पार कर भारत पहुंच जाते हैं। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में सामने आया है। एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि एलआईयू को रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के दादूपुर गांव में एक बांग्लादेशी महिला के अवैध रूप से रहने की सूचना मिली थी।

छानबीन करने के बाद पुलिस ने महिला के तीन बच्चों सहित महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में महिला ने अपना नाम रहीमा पत्नी अली नूर उर्फ जावाद निवासी ग्राम हिरन थाना कोटालियारा जिला गोपालगंज बांग्लादेश बताया है। वह कूड़ा बीनने का काम कर रही थी। महिला के खिलाफ विदेशी अधिनियम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। महिला और उसके बच्चों को कोर्ट में पेश किया गया है।

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की एटीएस ने आतंकी संगठन अलकायदा इंडियन सब काटिंनेंट तथा सहयोगी जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश के आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इन आतंकियों में एक आतंकी रुड़की अंतर्गत नगला इमरती गांव का रहने वाला था। इसका का नाम मुदस्सिर था।

आरोपी को बांग्लादेशी कामिल अलीनूर के साथ रूपेड़ी नेपाल बार्डर से उत्तर प्रदेश एटीएस ने गिरफ्तार किया था। मुदस्सिर आतंकी गतिविधियों में शामिल था। मुदस्सिर ने बांग्लादेशी कामिल अलीनूर एवं तल्हा को सलेमपुर हरिद्वार में शरण दी थी।

ब्यूरो रिर्पोट

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