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उत्तराखंड: UVP ने भर्ती घोटालों की उच्च न्यायालय की निगरानी में हो CBI जांच :

उत्तराखण्ड विकास पार्टी ने भर्ती घोटालों के आरोपियों को लगातार जमानत पर जमानत मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा पुरस्कृत किए गए एसटीएफ के कप्तान की योग्यता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उत्तराखण्ड विकास पार्टी के अध्यक्ष मुजीब नैथानी ने कहा कि हमने शुरू से ही भर्ती घोटालों में हाई प्रोफाइल लोगों के शामिल होने के कारण इस मामले की जॉच माननीय उच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई से कराए जाने की बात कही थी।

मगर भाजपा के ही नेता इस मामले में हाई प्रोफाइल भ्रष्टाचारी हैं इसलिए उन्हें बचाने के लिए सरकार ने एसटीएफ को यह जॉच सौंपी। एसटीएफ ने भी इस मामले में हाकम सिंह की गिरफ्तारी में जितनी ढिलाई बरती वो तारीफे काबिल रही ।

हाकम सिंह के साथ पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार की तस्वीरों ने इस बात को बल दे दिया था कि इस मामले में एसटीएफ चंद लोगों को खोज बीन कर मामला निपटा हुआ बता देगी और अब तथाकथित आरोपियों को प्रथम दृष्टया साक्ष्य संकलन न होने के कारण जो जमानत मिल रही है, वह एसटीएफ और आरोपियों की आपसी सांठ गांठ को उजागर करती है।

मुजीब नैथानी ने कहा कि चंदन मनराल जैसे धनी मानी व्यक्ति से पुलिस ने भर्ती घोटाले में लिए गए पैसों के संबंध में कोई साक्ष्य संकलन नहीं किया, यह बताता है कि एसटीएफ की हदें क्या है।

मुजीब नैथानी ने कहा कि असली गेम तो खुद भाजपा के अंदर खेला जा रहा है और कांग्रेस नहीं चाहती कि असलियत बाहर आए। हरिद्वार कोतवाली में रात गुजारने वालों ने भर्ती घोटालों को उजागर करने के लिए कितने धरने प्रदर्शन किए पूरे प्रदेश को पता है।

उन्होंने कहा कि इन जमानतों से हमारे आरोपों को बल मिला है कि यह केस सॉल्व करके असली आरोपियों को गिरफ्तार करना एसटीएफ के बस की नहीं है।

उन्होंने कहा कि आयोग के पूर्व अध्यक्ष के द्वारा लगाए गए आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से एसटीएफ ने आजतक पूछताछ नहीं की यह शर्म का विषय है।

उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों के संबंध में प्रथम दृष्टया ही कई प्रश्न अनुत्तरित हैं ऐसे में इनकी वृहद जॉच होनी जरूरी है साथ ही यह भी जरूरी है कि जॉचकर्ता किसी भी आईएएस, आईपीएस और मंत्रियों से भी इस संबंध में पूछताछ करने की हैसियत रख सके। इसीलिए इन समस्त भर्ती घोटालों की जॉच माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल की निगरानी में सीबीआई से करवाई जानी चाहिए ।

ब्यूरो रिर्पोट

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