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इंडिया के किस राज्य पर लगा भर्ती घोटालों का दाग, कितनी भर्तियां हुई रद्द, पढ़ें रिपोर्ट

भर्ती घोटालों का दाग उत्तराखंड पर ऐसा लगा है, जो छूटनने का नाम नहीं ले रहा है। एक ग्रहण छूटता है तो दूसरा लग जाता है। एक के बाद एक भर्ती घोटाले सामने आ रहे हैं। सरकारें चाहे कितने ही दावे क्यों ना करे, लेकिन सच यह है कि सरकारों का तंत्र कभी इन भर्ती घोटालों का ना तो पता लगा पाया और कभी जांच की जहमत उठाई।

इतना जरूर है कि धामी सरकार ने बेरोजगारों की ओर से शिकायत और कुछ सबूत दिए जाने के बाद जांच का साहस जरूर दिखया। UKSSSC पेपर लीक मोमले की जांच हुई तो परतें खुलती चली गईं। एक के बाद एक कई बड़े खुलासे हुए। कई चेहरे बेनकाब हुए।

राज्य में 2015 से अब तक UKSSSC और UKPSC के 3314 पदों पर भर्ती कराई गई। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक कांड और अन्य तरह की गड़बड़ियां सामने आई। मामलों का खुलासा होने के बाद अब तक 66 आरेपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कुछ को जमानत भी मिल चुकी है, जबकि कुछ अब भी सलाखों के पीछे हैं। स्पेशल टास्क फोर्स ने शानदार काम किया। जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी पकड़ी गई है, उनमें दो कांग्रेस तो छह भाजपा के शासनकाल में कराई गईं।

ये भर्तियां हुईं रद्द

नकल माफिया और अधिकारियों के गठजोड़ यूपी तक फैला हुआ था जल। इस गठजोड़ ने हजारों युवाओं के सपनों को चकनाचूर करके रख दिया। VPDO : भर्ती 2016 में हुई थी। 196 पदों के लिए भर्ती परीक्षा हुई थी। यह परीक्षा UKSSSC ने कराई थी, जिसका परिणाम 26 मार्च 2016 को घोषित किया गया। कुछ समय पहले पता चला कि इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की OMR शीट से छेड़छाड़ की गई थी। इस प्रकरण में UKSSSC के पूर्व अध्यक्ष डा. RBS रावत, पूर्व सचिव मनोहर सिंह कन्याल, पूर्व परीक्षा नियंत्रक राजेंद्र सिंह पोखरिया सहित छह को गिरफ्तार किया जा चुका है। STF इसकी जांच कर रही है।

UKSSSC ने चार और पांच दिसंबर 2021 को यह भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। विभिन्न विभागों में स्नातक स्तरीय 933 पदों को भरने के लिए कराई गई इस परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इस मामले में नकल माफिया हाकम सिंह, केंद्रपाल और प्रश्नपत्र छापने व परीक्षा की अन्य जिम्मेदारियों संभाल रही आरएमएस टेक्नो साल्यूशंस के मालिक राजेश चौहान समेत 43 आरोपितों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया।

सचिवालय रक्षक, यह भर्ती परीक्षा 33 पदों के लिए आयोजित की गई थी। 26 सितंबर 2021 को हुई इस भर्ती परीक्षा का पेपर भी RMS टेक्नो साल्यूशंस के कर्मचारी ने UKSSSC के अंदर से लीक किया था। इसका पता तब लगा, जब स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की जांच शुरू हुई। इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया है।

वन दारोगा की भर्ती परीक्षा 16 से 25 जुलाई 2021 तक आनलाइन हुई थी। 316 पदों के लिए हुई इस भर्ती में धांधली से पर्दा तब उठा, जब स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की जांच की गई। इस भर्ती की जांच करने के लिए UKSSSC की ओर से एसटीएफ को पत्र लिखा गया था। इस परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ था। इस मामले में चार आरोपित गिरफ्तार किए गए।

पटवारी

यह भर्ती परीक्षा आठ जनवरी 2023 को राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने आयोजित की थी। 536 पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा की जांच में सामने आया कि आयोग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने ही इसका पेपर लीक कर दिया। इस मामले की जांच एसआइटी कर रही है। इस प्रकरण में संजीव चतुर्वेदी समेत 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

कितनी भारतीयों की चल रहीं हैं जांच

2015 में हुई उत्तराखंड पुलिस में दारोगा की सीधी भर्ती में भी घपलेबाजी सामने आई। 339 पदों पर हुई इस भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ तो हुई ही, कई अभ्यर्थी फर्जी दस्तावेजों के सहारे भी पेपर देकर दारोगा बन गए। अब विजिलेंस की जांच के बाद 20 दारोगाओं को निलंबित किया गया है। इस मामले में जांच चल रही है। यह परीक्षा UKSSSC ने कराई

: राज्य लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2022 में जेई के 735 पदों के लिए सात से 10 मई तक और AE के 166 पदों के लिए 23 से 26 मई तक परीक्षा कराई थी। लेखपाल भर्ती पेपर लीक का राजफाश होने के बाद इस भर्ती परीक्षा में भी धांधली की बात सामने आई। अब एसआइटी की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद नौ आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस पेपर लीक को भी लेखपाल भर्ती की धांधली में लिप्त गिरोह ने अंजाम दिया था।

ब्यूरो रिर्पोट

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