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उत्तराखंड:किस मामले में रेंजर को किया गिरफ्तार, DFO की बारी जानें क्यों

नैनीताल: विजिलेंस ने टाइगर सफारी के निर्माण की आड़ में अनियमितता के मामले में रेंजर बृज बिहारी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में विजिलेंस के हल्द्वानी सेक्टर में पूर्व DFO किशन चंद समेत कई अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज में वन विभाग ने टाइगर सफारी बनाने का निर्णय लिया था। अनुमति मिलने के बाद 106 हेक्टेयर वन क्षेत्र में टाइगर सफारी के लिए बाड़ों का निर्माण समेत अन्य काम होने थे।

2019 में टाइगर सफारी के लिए अवैध तरीके से पेड़ काटने और बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था। इस मामले में अनियमितताएं पाई गई थीं।

शासन ने इस प्रकरण की जांच विजिलेंस को सौंपी थी। अगस्त 2022 में जांच पूरी कर पूर्व IFS अधिकारी किशनचंद और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। SP विजिलेंस धीरेंद्र कुमार गुंज्याल ने बताया कि मुकदमे की विवेचना और प्राथमिक जांच में पाखरो के तत्कालीन रेंजर बृज बिहारी शर्मा की भूमिका भी मिली थी।

इसके आधार पर दबिश दी गई। लेकिन शर्मा लापता हो गए। उनकी लोकेशन असम में आ रही थी। टीम को वहां भेजकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। टीम ट्रांजिट रिमांड पर लेकर हल्द्वानी पहुंच रही है।

मुख्य आरोपी तत्कालीन DFO किशनचंद हैं। वह इसी जून में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके खिलाफ भी पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं। उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है। अन्य लोगों की भूमिका की जांच भी लगभग पूरी की जा चुकी है। इस प्रकरण में और लोगों की गिरफ्तारी भी जल्द हो सकती है।

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