HomeUncategorizedछात्र-छात्रों को ड्रेस, बैग व जूते की नहीं मिलेंगे, नगद धनराशि मिलेगी

छात्र-छात्रों को ड्रेस, बैग व जूते की नहीं मिलेंगे, नगद धनराशि मिलेगी

देहरादून। सूबे के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत् कक्षा-1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को विभाग द्वारा ड्रेस, जूते और स्कूल बैग क्रय हेतु धनराशि डीबीडी के माध्यम से सीधे खातों में दी जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिये गये हैं। साथ ही अधिकारियों को अगले सत्र के लिये पाठ्य पुस्तकों का प्रकाशन समय पर कराने तथा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत् कक्षा-01 से 08 तक छात्र-छात्राओं को स्कूली ड्रेस, जूते एवं बैग खरीद के लिये धनराशि डीबीडी के माध्मय से सीधे अभिभावकों के खाते में भेजने के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में ड्रेस की एकरूपता होनी चाहिये। जिसके लिये राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से सम्पर्क कर स्कूल ड्रेस के रंगों का निर्धारण किया जाय। बैठक में उच्च न्यायालय द्वारा प्राथमिक शिक्षकों के पूर्व में ज्ञापित पदों को भरने पर भी चर्चा की गई। जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा एनआईओएस से 18 महीने के डीएलएड कोर्स उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को भी उक्त भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश पारित किया है। इस संबंध में विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में न्याय विभाग से परामर्श लेते हुये आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। प्रदेशभर में जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण पर चर्चा करते हुये डॉ. रावत ने कहा कि विभाग द्वारा चिन्हित भवनों का लोक निर्माण विभाग अथवा ग्रामीण विकास विभाग से सर्वे करवा कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाय, साथ नये भवनों की डीपीआर व मरम्मत योग्य भवनों का प्रस्ताव शासन को भेजा जाय।

बैठक में सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव जेएल शर्मा, निदेशक माध्यमिक आरके कुंवर, निदेशक सीमैट सीमा जौनसारी, निदेशक प्राथमिक वंदना गर्व्याल, एपीडी डॉ.मुकुल सती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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